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| सिवाना में श्री खेतेश्वर जयंती 2015 |

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| सिवाना में श्री खेतेश्वर जयंती 2015 |
राजाजी श्री निर्मलनाथजी महाराज का जीवन परिचय
श्री निर्मलनाथजी महाराज का जन्म गाँव मोदरा, जिला जालौर मे राजपुरोहित जागरवाल कुल मे विक्रम संवत 2039 मे मगसर शुक्लपक्ष नवमी को हुआ था, नाथजी के बचपन का नाम - नारायण था ।
पिताजी का नाम ओखसिंह जी एवं मातश्री का नाम मुंगीदेवी है, निर्मलनाथजी चार भायों मे दुसरे नम्बर है, ननिहाल गांव ओटवाला जिला जालौर में है ।
एक बार निर्मल नाथजी के माता पिता पुत्र प्राप्ति हेतु पीरजी श्री शान्तिनाथजी महाराज की शरण मे गयेे, और पुत्र प्राप्ति हेतु उन्होने पीरजी महाराज से आशीर्वाद मांगा, तो गुरुदेव ने भक्त की इच्छा पर उन्हें चार पुत्रो का आशीर्वाद दिया, तब आपके माता पिता ने कहा कि, हे दाताश्री अगर हमे आपने चार पुत्र दे दिए तो एक पुत्र को हम आपकी सेवा मे अर्पण कर देगे ।
पिरजी श्री शान्तिनाथजी महाराज की कृपा से ओख सिंह जी को एक के बाद एक चार पुत्रों की प्राप्ति हुई ।
एक बार श्री शान्तिनाथजी महाराज मोदरा पधारे तो आपके पिताजी ने अपने चारो पुत्रो को नाथजी महाराज के समुख खडा कर दिया, और कहा कि हे गुरुवर ये चारो आपके कृपा की देन है, आप जिसे चाहे उसे अपनी शरण मे स्वीकार लो ।
तब श्री शान्तिनाथजी महाराज ने नारायण के सर पर हाथ धर दिया, और आदेश दिया कि " ॐ नम: शिवाय " जपते रहो, और नारायण का नाम करण " निर्मल ,, कर दिया, तब आपकी ऊमर दस वर्ष की थी, उस दिन के बाद से आप " हरी " की भक्ति मे लिन हो गये ।
पन्द्राह वर्ष की ऊमर मे आपको विक्रम संवत 2057 चैत्रसुदी एकम की अमावश्सा को गुरुदेव जी के चरणों में सिरेमंदिर में अर्पण किया, कानो कुण्डल विक्रम संवत 2060 मे धार करवा कर पूर्ण नाथ बना कर निर्मलनाथ कहलाये, आप गुरुजी श्री शान्तिनाथजी महाराज की तन मन से सेवा करने लगे, एक दिन श्री शांतिनाथजी महाराज ने अपने शिष्य कमलनाथजी से कान फुकवा कर आपको उनका शिष्य बना कर श्री शान्तिनाथजी महाराज दादा गुरु बन गये ।
श्री निर्मलनाथजी की कुटंब यात्रा सन् 2006 मे वैसाख सुदी चौदस को हुई ।
कणीयागिरी पर्वत पर श्री जलंधरनाथजी महाराज की तपोस्थली सिरेमन्दिर पर आपने कर्म एवं भक्ति की एवं दादा गुरू श्री शान्तिनाथजी महाराज की सेवा तन मन से की थी, इसी कारण दादागुरु श्री शान्तिनाथजी महाराज के आशीर्वाद से ही आज आप नाथ संप्रदाय के राजा के पद पर कडली मठ मेंगलोर में विराजमान है
श्री निर्मलनाथजी महाराज को सन 2015 अगस्त नाशिक कुंभ मेले में अखिल भारतीय नाथ सम्प्रदाय के समस्त साधु संतों, पीठाधीशो, शंकराचार्यो एवं योगियों द्वारा नाथ सम्प्रदाय के राजा के लिए निर्विरोध चुना गया
श्री निर्मलनाथजी महाराज पैदल नाशिक कुंभ मेले से झुन्डी यात्रा द्वारा 8 महीने में मेंगलोर पहुंचे थे, एवं 7 मार्च 2016 को राजाजी का गादी तिलक हुआ था
श्री निर्मलनाथजी महाराज दादा गुरु पीरजी श्री शान्तिनाथजी महाराज की असीम कृपा एवं श्री गंगानाथजी महाराज के पूर्ण सहयोग से अखिल भारतीय नाथ सम्प्रदाय के राजा के पद पर आसीन हुए
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Priti Rajpurohit

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Singing moment
Newspaper update

राजपुरोहित समाज की गौरव और संगीत के क्षेत्र में जाना पहचाना नाम बन चुका है इंदौर की गायिका प्रीति राजपुरोहित सुप्रसिद्ध गायिका है जिन्होंने अपनी दिलकश आवाज से श्रोताओं के दिल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी।
प्रीति राजपुरोहित
जन्म दिन : 2 फरवरी 1983
आयु : 34
यह सही है कि संगीत एक साधना है और जो उस साधना में राम जाता है निश्चिती व संगीत के क्षेत्र में एक मुकाम हासिल कर लेता है बरसों से संगीत को अपना लक्ष्य मान चुकी प्रीति राजपुरोहित मध्य-प्रदेश इंदौर की रहने वाली आज संगीत में एक जाना पहचाना नाम बन चुका है जिनके गीतों को सुनकर श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो जाते हैं पिछले कई सालों से इंदौर, हैदराबाद, चेन्नई, गुजरात, राजस्थान ओर महाराष्ट्र आदि स्थानों पर प्रोग्राम के माध्यम से अपने गीतों का लोहा मनवा चुकी है प्रीति राजपुरोहित ने हमें एक इंटरव्यू में बताया कि इसके लिए वह कड़ी मेहनत करती हैं गीत संगीत अब सांसे बन कर दिलों में धड़कता है !
अपनी सफलता के लिए अपने माता-पिता के बाद लता मंगेशकर को श्रेय देती हैं। लता मंगेशकर को अपना आदर्श मानने वाली सिंगर श्रीमती प्रीति राजपुरोहित हर एक गीत के साथ पूरा इंसाफ करते हुए संजीदा ढंग से प्रस्तुति देती हैं प्ले बैक सिंगर मधुश्री तथा अन्य सिंगरों के साथ मंच साझा कर चुकी प्रीति राजपुरोहित अब बॉलीवुड की धड़कन बनना चाहती हैं वह दिन दूर नहीं की संगीत के प्रति उनकी रूचि और मेहनत उन्हें एक दिन उस मुकाम तक पहुंचा देगी| फिल्मी गीतों की प्रस्तुति के साथ भजनों की प्रस्तुति मैं भी प्रीति राजपुरोहित को महारत हासिल है
संघर्ष
सफलता की राह कभी भी आसान नहीं होती है। प्रीति जी को भी अपना स्थान बनाने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पडा़।
हम प्रीति जी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है........ सुगना फाउंडेशन मेघलासिया परिवार
अगर आप भी किसी क्षेत्र जुड़े हुए हैं तो लिख भेजीए अपना जीवन परिचय हमें हमारे WhatsApp no 9286 464 911 Ya email address:- Sawaisinghraj007@gmail.com
पर
आपका अपना सवाई सिंह
सदस्य
सुगनाफाउंडेशन मेघलासिया