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Saturday, 3 June 2023

कवि एव साहित्यकार श्री रवि पुरोहित संक्षिप्त जीवन परिचय

 प्रिय मित्रों ,,,,, 

राजपुरोहित समाज की कला से जुड़ी हस्तियों के परिचय एवम उपलब्धियों की कड़ी मे आज हम कवि एवम साहित्यकार श्री रवि जी पुरोहित के जन्म दिवस के शुभ अवसर पर लेकर आये है। कविराज का संक्षिप्त जीवन परिचय भाई नरपत सिंह हृदय द्वारा लिखित

साहित्य साधना के परम उपासक श्री रविजी पुरोहित की साहित्य क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान है ।

5 जून 1968 में जन्मे श्री रविजी बीकानेर जिले के श्री डूंगरगढ़ के निवासी है और हाल बीकानेर में राजस्थान सरकार अधीनस्थ लेखा सेवा में कार्यरत है ।

आपने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्व विद्यालय अजमेर से 1989 में वाणिज्य स्नात्तक की डिग्री परीक्षा उतीर्ण की ,ततपश्चात 1991 में हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की।  फिर वर्ष 2010 में आपने महाराजा गंगासिंह विश्व विद्यालय बीकानेर से राजस्थानी भाषा मे एम. ए. की डिग्री उतीर्ण की ।

शोध सर्वे

मरुभूमि शोध संस्थान श्री डूंगरगढ़ में वर्ष 1989 से 1991 तक आप मानस शोध में सहायक रहे है ।

'चुरू अंचल रा लोक देवतावां अर लोक मान्यतावां ' इस विषय पर आपके शोध कार्य चालू है ।

साक्षरता के क्षेत्र में सरकारी एवम गैर सरकारी प्रयास में दशा एवम दिशा के लिए शिक्षा समाज और चेतना में आपकी शैक्षणिक परियोजना की भूमिका रही है। 

सदस्यता -

साहित्य अकादमी नई दिल्ली के राजस्थानी भाषा परामर्श मंडल के वर्तमान में आप सदस्य है । राजस्थानी भाषा साहित्य एवम संस्कृति अकादमी बीकानेर की पांडुलिपि प्रकाशन सहयोग तदर्थ उप समिति का संयोजकीय दायित्व एवम सदस्यता रही वर्ष 2012 से 2014 तक ।

वर्ष 2006 से 2008 तक आप राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर की सरस्वती सभा के सदस्य रहे है। 

ASIA PACIFIC WHO*S WHO के आप पंजीबद्ध रचनाकार है ।

राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार समिति श्रीडूंगरगढ़ के आप आजीवन सदस्य है और वर्तमान में इसके सयुंक्त मंत्री भी है ।

राजस्थान प्रगतिशील लेखक संघ , सार्वजनिक पुस्तकालय श्रीडूंगरगढ़ की आजीवन सदस्यता और प्रबन्ध समिति के पूर्व सदस्य भी है । 

लेखन -

प्रांतीय और राष्ट्रीय स्तर की पत्र पत्रिकाओं में कहानी ,कविता , निबन्ध , व्यंग्य , आलोचना , लघुकथा , फीचर आलेख आदि का सन 1985 से लगातार प्रकाशन होता आ रहा है ।

आकाशवाणी के विभिन्न केंद्रों एवम दूरदर्शन तथा अन्य चैनलों पर आपकी विविध विधाओं की रचनाओं का प्रचुर प्रसारण होता रहता है।  

कई संपादित संकलनों में रचनायें संकलित है। 

प्रकाशन

चमगूंगो (1991) , हासियो तोड़ता सबद (1996) , राजस्थानी बाल कविता संगह 'तिरंगों' (2006) और उतरूँ उँडे काळजै''(2015) इत्यादि राजस्थानी कविता संग्रह प्रकाशित हो चुकी है ।

सेना के सूबेदार (2006) और 'आग अभी शेष है (2018) हिंदी कविता संग्रह का प्रकाशन। 

एक और घोंसला(1997)और धुले-धुले चेहरे (2015) हिंदी कहानी संग्रह का प्रकाशन तथा हिंदी व्यंग्य निबन्ध संग्रह "सपनों का सुख " का 2006 में प्रकाशन हो चुका है । 

काव्य संग्रह " उतरूँ उँडे काळजै " का हिंदी अंग्रेजी संस्कृत तथा पंजाबी में अनुवाद कर चुके है और गुजराती भाषा मे अनुवाद का कार्य जारी है ।

कुछ कविताओं का नेपाली उड़िया मराठी और बांग्ला भाषा मे भी अनुवाद हो चुका है। 

सम्पादन

'यादां रै आँगणीये ऊभा उणीयारा" (राजस्थानी रेखांचित संग्रह ) , आंखों में आकाश , राजस्थान शिक्षा विभाग के लिए बाल साहित्य संग्रह का 2012 में सम्पादन। 

उकळती ओकळ सूं उपज्या आखर , (श्री श्याम महर्षि री काव्य सिरजण समग्र ) । राजस्थली , लोक चेतना की राजस्थानी तिमाही का पिछले 25 वर्षों से प्रबन्ध प्रकाशन।  जागती जोत (राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर की मुख पत्रिका) का एक वर्ष तक सम्पादन । "हस्तक्षेप" ( साहित्यिक फोल्डर के चार अंको का सम्पादन ) 

एक दर्जन से अधिक अभिनंदन ग्रन्थों एवम स्मारिकाओं का सम्पादन। 

भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ,राजस्थानी भाषा की एकेडमियों एवम कई प्रतिष्ठित एजेंसियों द्वारा आयोजित-प्रायोजित राष्ट्रीय , राज्य स्तरीय और आंचलिक समारोहों का आप संचालन कर चुके है । राजस्थान शिक्षाकर्मी का अनोपचारिक शिक्षा अनुदेशक आवासीय प्रशिक्षण शिविर का व्यवस्थापन । 

अनुवाद

जिओ मेरे साईंयां ,, (वीरसिंह की पंजाबी कृति ) का राजस्थानी अनुवाद ।

कैवती ही माँ , (युवा कवियित्री सुमन गौड़ की हिंदी कविताओं का राजस्थानी अनुवाद ) 

म्हनैं चांद चाइजै , ( साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा पुरस्कृत श्रीकांत वर्मा के चर्चित उपन्यास कृति) का राजस्थानी अनुवाद। 

कुछ तो बोल , (कवि श्याम महर्षि की राजस्थानी कृति ) का हिंदी अनुवाद।  

पुरस्कार और सम्मान - 

साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा जीवो म्हारा सांवरा (वीरसिंह की पंजाबी कृति) के लिए 'अनुवाद पुरस्कार 2016 ।

राजस्थान सरकार द्वारा उत्कृष्ट साहित्य लेखन के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार । 

राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर का " भगवान अटलानी युवा लेखन पुरस्कार । 

राजस्थानी भाषा साहित्य एवम संस्कृति अकादमी बीकानेर का " 

बावजी चतुरसिंह जी अनुवाद पुरस्कार ।

इसके अलावा आपको , मैथिलीचरण गुप्त युवा लेखन सम्मान, पीथळ पुरस्कार , महेंद्र जाजोदिया पुरस्कार , शब्दनिष्ठा सम्मान ,

दी यंग्स वेलफेयर सोसायटी रतनगढ़ द्वारा रामगोपाल गिरधारीलाल सर्राफ अलंकरण ।

सृजन सेवा संस्थान श्रीगंगानगर द्वारा साहित्यकार सम्मान ।

पंडित विद्याधर शास्त्री अवार्ड ।

त्रिलोक शर्मा स्मृति संस्थान श्रीडूंगरगढ़ द्वारा " संवाद सम्मान ।

इसके अलावा " साहित्य शिरोमणि सम्मान , ज्ञान श्री सम्मान , राजपुरोहित गौरव सम्मान । सहस्त्राब्दी हिंदी सेवी सम्मान । 

निम्बोळ का साहित्य साधक सम्मान। 

इनके अलावा भी विभिन्न संस्थाओं द्वारा आप को सम्मानित किया गया है। पत्रकारिता - दैनिक नवज्योति और दैनिक भास्कर के अलावा अन्य कई प्रतिष्ठित पत्रों के लिए मानव संवाद प्रेषण का कार्य । 

शोध

महाराजा गंगासिंह विश्व विद्यालय बीकानेर द्वारा " रवि पुरोहित रै काव्य मांय सामाजिक चेतना " विषय पर डॉ मदन सैनी के निर्देशन में और " सेना के सूबेदार काव्य में लोक चेतना " के विषय पर डॉ मेघराज शर्मा के निर्देशन में 2009 व 2010 में लघु शोध ।

साहित्य जगत में श्री रवि राजपुरोहित जी ने जो मुकाम स्थापित किये है वो वाकई राजपुरोहित समाज और राजस्थानी साहित्य के लिए गौरव करने योग्य है ।

राजपुरोहित समाज इंडिया पेज / ग्रुप श्री रविजी का सह्रदय से आभार एवं सम्मान करता है ।

जय श्री खेतेश्वर दाता री सा। 

अगर आप इस मंच पर किसी और का जीवन परिचय देखना चाहते हैं तो मुझे लिख भेजिए अपना जीवन परिचय हमारा व्हाट्सएप नंबर है 9286464911

मिलते हैं जीवन परिचय के अगली श्रंखला में किसी नए जीवन परिचय के साथ तब तक के लिए अलविदा आपका शौर्य प्रताप सिंह राजपुरोहित

Tuesday, 23 May 2023

ब्रह्मपुत्र सेना के पूर्व अध्यक्ष परमेश्वर सिंह राजपुरोहित का जीवन परिचय

ब्रह्मपुत्र परमेश्वर सिंह राजपुरोहित का सेवा भाव एवं समर्पण अद्भुत.... शौर्य प्रताप सिंह राजपुरोहित 

हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सब आशा करता हूं आप सब बहुत ही अच्छे होंगे । जीवन परिचय की इस श्रृखला में मैं लेकर आया हूं समाजसेवी पर  रक्तवीर ब्रह्मपुत्र सेना के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई श्री परमेश्वर सिंह राजपुरोहित का जीवन परिचय वैसे यह शख्स किसी परिचय के मोहताज नहीं है आज इन्हें लाखो लोग जानते हैं जिन्होंने लाखों लोगों के जीवन को नया जीवनदान देने का बीड़ा उठाया हुआ है । रक्तदान केेे माध्यम से 
संक्षिप्त परिचय
 नाम :-  परमेश्वर सिंह राजपुरोहित 
पिताजी का नाम :- श्रीमान रतन सिंह राजपुरोहित 
गांव का नाम:-  बासड़ा
 जन्मदिन :-  29 फरवरी 1988

नागौर जिले के मकराना कस्बे के पास गांव बासड़ा से आने वाले परमेश्वर जी हाल कलकत्ता (प.बंगाल) में रहते है। सन 2012 में राजपुरोहित समाज के इसी मंच (rajpurohit samaj india पेज) द्वारा आपका जुड़ाव समाज बंधुओं से हुआ और समाज सेवा की विभिन्न गतिविधियों का आदान प्रदान होने लगा। इस दौरान राजपुरोहित समाज इंडिया के जरिये कई ऐसे मौके आये जब आपने समाज सेवा में अपना योगदान दिया ।

2014 के आते आते सोशल मीडिया के पटल से समाज बंधुओं का एक समूह तैयार हुआ और 9 नवम्बर 2014 में ब्रह्मधाम आसोतरा की पुण्य धरा से ब्रह्मपुत्र सेना का गठन हो गया । जिसके आप सर्व सहमति से प्रथम अध्यक्ष चुने गए ।
हजारों बन्धु जुड़ रहे थे तो सैकड़ों लोगों का विरोध भी था , राहें मुश्किल थी लेकिन इरादे अटल थे । समाज के मंचो पर ब्रह्मपुत्र सेना ने कई गंभीर मुद्दों को उठाया । सेवा की कई कार्यों में सम्मिलित होने लगे ।
उनमें से जो महत्वपूर्ण मुहिम शुरू हुई वो थी रक्तदान महादान ।
परमेश्वर जी के साथ ऐसे हजारों बन्धु है जिन्होंने ब्रहपुत्र ब्लड बैंक के नेटवर्क को आगे बढाया ।  कुछ ही वर्षों में इस मुहिम का नेटवर्क पूरे देश मे इतना बड़ा हो गया कि , कहीं भी किसी व्यक्ति को रक्त की जरूरत पड़ती और ये सूचना ब्रहपुत्र सेना के पास पहुंचती तो अगले एक घण्टे में रक्तदाता वहां हाजिर हो जाता या अन्य विकल्प द्वारा रक्त की व्यवस्था हों जाती ।
रक्तदाताओं के इस नेटवर्क का ना ही कहीं प्रचार किया गया ना ही कहीं दिखावा । शांत स्वभाव में रक्तवीरों के नेटवर्क को इतना बढ़ा दिया कि आज कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अपने मंचो पर सम्मानित करने के लिए बुलाने लगी है ।

हजारों जिंदगियो को नया जीवनदान देकर रक्तदान की इस मुहिम के मुख्य सूत्रधार रहे परमेश्वर जी को अंतरराष्ट्रीय रोड सेफ्टी एवम ट्रामा सेंटर बीकानेर के हेड डॉ मेवासिंह , जयपुर ट्रामा सेंटर के हेड राजपाल जी यादव व मुम्बई के रक्तवीर अजीत रहाणे जी द्वारा रक्तदान की मुहिम में अभूतपूर्व योगदान के लिए आपको बीकानेर में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित किया जा चुका है । 
कर्मवीर एन आर सी फॉउंडेशन जयपुर की डॉक्टर निशा माथुर जी द्वारा भी आपको रक्तदान की इस क्रांति को बढाने के लिए सम्मानित किया जा चुका है ।

लखनऊ के एन आर सी फॉउंडेशन की ओर से कवयित्री मृदुला जी द्वारा रक्तवीर के रूप में आपको सम्मानित किया जा चुका है । 
आने वाली 15 अप्रेल 2020 को रोड सेफ्टी एवम ट्रामा मैनेजमेंट मुंबई की मुहिम त्वचादान-महादान को आगे बढ़ाने में योगदान के लिए आपको सम्मानित किया जाएगा ।
अभी हाल ही में दोहा से उड़ीसा के एक पैरालिसिस पीड़ित युवा को भारत लाने की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए उड़ीसा एवम प.बंगाल की दर्जनों सेवा संस्थाओं के जरिये आपने मदद की । 
उसके लिए आपको उड़ीसा के राज्यपाल द्वारा सम्मानित करने का बुलावा आया चुका है। 

इसके अलावा आप "मदद फॉउंडेशन " जैसी कई संस्थाओ के सदस्य हैं जो गरीब एवम असहाय लोगों की मदद करती है , उनकी बेटियों की शादी के लिए धनराशि प्रदान करती है । 

सिवाना में श्री खेतेश्वर जयंती 2015
आप अब तक कई सामाजिक सेवा संस्थान द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं अब आगे भी इसी प्रकार समाजसेवी कार्यों से जुड़े रहेंग और लोगों के हितों के रक्षक के लिए सदैव आगे आते रहेंगे ऐसी मैं आशा करता हूं

बन्धुओ आप भी इस मुहिम के साथी बने एवम सेवा में योगदान देवें । 
रक्तवीर राजपुरोहित, हरदम अर हरमेश । 
सेवा वाळे साथ मे, परथक नह परमेश ।। 

चलते चलते यह 4 लाइनें.....
गलत का विरोध खुलकर कीजिए, 
चाहे राजनीति हो या समाज, 
इतिहास टकराने वालो का लिखा जाता हैं 
तलवें चाटने वालों का नहीं..

आपका 
कवि नरपत सिंह राजपुरोहित हृदय बावड़ी कला

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मिलते हैं किसी ओर जीवन परिचय के साथ तब तक के लिए चलते हैं आपका शौर्य प्रताप उर्फ सवाई सिंह राजपुरोहित 
एस एम सीरीज 3

Sunday, 12 September 2021

डॉ मदन प्रताप सिंह राजपुरोहित का जीवन परिचय

आप सभी महानुभावों को जय श्री रघुनाथ जी री जय श्री खेतेश्वर महाराज की जीवन परिचय की अगली कड़ी मैं आपके साथ लेकर आया हूं सामाजिक कार्यकर्ता, समाजसेवी और मेरे बड़े भाई व मेरे मार्गदर्शन डॉ एम.पी सिंह राजपुरोहित महासचिव (सुगना फाउण्डेशन मेघलासियां) का जीवन परिचय आइए पढ़ते हैं उनकी जीवन पर यह विशेष पोस्ट 
      चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी कड़ी मेहनत और लगन और सेवा से चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं डॉ एम.पी सिंह राजपुरोहित मरीजों की सेवा भाव के कारण आज डॉ राजपुरोहित आगरा ही नहीं अपितु दूर-दराज के क्षेत्रों में भी चर्चित है।

      प्राकृतिक चिकित्सा जगत में जाना माना नाम है डॉ एम पी सिंह राजपुरोहित जनता की सेवा करना है लक्ष्य जीवन का.....

    डॉ मदन प्रतापसिंह राजपुरोहित का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है डॉ राजपुरोहित ने अपनी मेहनत की वजह से चिकित्सा के क्षेत्र में एक अनोखी मिसाल कायम की है आमजन की सेवा ही उनके लिए सबसे बड़ी सेवा है बतौर प्राकृतिक चिकित्सक अपने मरीजों से भावनात्मक जुड़ाव रखने वाले डॉ राजपुरोहित का नाम ही उनकी पहचान का वजूद है अपने मरीजों को सेहतमंद जीवन देना ही उनके जिंदगी का उद्देश्य है उनकी जीवन संगिनी श्रीमती रेखा राजपुरोहित जोकि हाउसवाइफ है  और बड़े भाई श्रीमान एसपी सिंह राजपुरोहित सुगना फाउंडेशन उपाध्यक्ष जिन्होंने डॉ एमपी सिंह को आगे बढ़नेेे में काफी सहयोग किया। 


 बचपन से ही रहे मेधावी छात्र 
बचपन से ही डॉ मदन प्रताप सिंह मेधावी छात्र रहे हैं वह जोधपुर राजस्थान के एक छोटे से गांव मेघलासिया में जन्म लिया और प्रारंभिक शिक्षा जोधपुर से ली तत्पश्चात आगरा आए 10वीं ,12वीं, पोस्ट ग्रेजुएशन तक अपनी पढ़ाई आगरा एवम् मेघालय में पूर्ण की आपने अपनी शिक्षा काल के दौरान कई पुरस्कार प्राप्त किए जिनमें प्रतिभावान छात्र का पुरस्कार साथ ही जिला और राज्य स्तर पर भी आपने कई सम्मान हासिल किए पढ़ाई पूरी करने के बाद आपने प्राकृतिक चिकित्सा अपनी जिज्ञासा को पूरा करने के लिए आपने जोधपुर, जयपुर और महाराष्ट्र से सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स किया और यहीं से प्राकृतिक जगत में उनकेे सफर की शुरुआत हुई और आपने द बोर्ड हेम्स ओसिया एजुकेशन संस्थान राजस्थान साल 2008 में ज्वाइन किया और बृज क्षेत्र में अच्छेेेे और एक प्रतिष्ठित चिकित्सक की तरह सेवा करने के लिए उन्होंने एक निजी क्लीनिक की नींव रखेगी आखिरकार उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा जगत में खुद के व्यक्तित्व को खास बनाया। 

सेवा में सहयोगी बना परिवार

डॉ एम पी सिंह बताते हैं मेरी पूज्य माता जी स्वर्गीय श्रीमती सुगना राजपुरोहित सत प्रेरणा से ही मुझे सामाजिक सेवा कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पूज्य माताजी स्मृति में 2000 से अधिक मानव सेवा के लिए चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया। 1 सितंबर 2008 को पूज्य माता जी का स्वर्गवास हो गया उन्हीं की याद में परिवार ने सुगना फाउंडेशन मेघलासिया की स्थापना की आज हम उतर भारत में इसी बैनर तले कई चिकित्सा शिविर और मानव उत्थान की योजनाओं के साथ स्कूली बच्चों की शिक्षा समग्री का वितरण भी करते हैं और उन्हीं की प्रेरणा से डॉ राजपुरोहित का समाज के प्रति समर्पण सराहनीय है परिवार का विशेष योगदान बताते हैं जिसमें पिताजी ठा. श्री बीरम सिंह और बड़े भाई श्री एसपी सिंह राजपुरोहित का हमेशा ही सहयोग मिलता रहा है। जिन्होंने हमेशा डॉ राजपुरोहित को आगे बढ़ने में और कभी ना हार मानने की प्रेरणा दी । आप वर्तमान में भी कई सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़े हुए हैं वहां पर भी अपनी सामाजिक सेवाएं दे रहे हैं आप 24 घंटे में 15 घंटे काम करते हैं और मेडिटेशन और योग के जरिए खुद को भी संयमित और सेहतमंद रखते हैं रेगुलर एक्साइज उनकी दिनचर्या में शामिल है। 


प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आप हमेशा शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क चिकित्सा शिविर और ऑनलाइन के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का सदैव प्रयास करते रहते हैं । आप वर्तमान समय में जब पूरे विश्व भर में कोविड-19 से जनजीवन अस्त व्यस्त हैं और इस वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से हर कोई प्रभावित हैं साथ ही लोग डरे हुए हैं आप ऑनलाइन क्लास के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं इस बीमारी के प्रति व अपने संस्थान के बैनर तले माक्स व सैनिटाइजर का निशुल्क एवम लागत मूल्य पर वितरण भी कर रहे हैं। आपने कोरोना की प्रथम लहर में भी सामाजिक दायित्व बखूबी निभाया और दूसरी लहर में भी आप हर संभव प्रयास कर रहे हैं लोगों को जागरूक करने की ओर वैक्सीनेशन के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं जो वाकई काबिले तारीफ है

आइए डॉ राजपुरोहित का पारिवारिक संचित परिचय जानते हैं 

नाम:-  डॉ मदन प्रताप सिंह सुपुत्र श्रीमान बिरम सिंह राजपुरोहित
जन्म तिथि :- 12 सितंबर 1985
एजुकेशन :- एम.कॉम, बीएएमटी, डीएनवाईएस, एमडी (ए.मेडी.) (प्राकृतिक चिकित्सा)
 पत्नी का नाम :- श्रीमती रेखा राजपुरोहित (हाउस वाइफ)
बेटी :- अनाया और राधिका
गांव:- मेघलासिया,जिला जोधपुर
हाल :- आगरा, उत्तर प्रदेश

राष्ट्रीय महासचिव:- सुगना फाउंडेशन इंडिया
आगरा मंडल कोऑर्डिनेटर:- योगा स्पोर्ट्स एसोसिएशन, लखनऊ
संयोजक:- भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ महानगर आगरा
 इन चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञ हैं डॉ राजपुरोहित 
प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, सुजोक, योगा व रेकी आदि।

 डॉ राजपुरोहित का क्लीनिक का पता 
710, सेक्टर 7, AVC, बोदला सिकंदरा, आगरा 
समय प्रातः 8:00 बजे से 12:00 बजे तक 
और शाम 6:00 से रात्रि 9:00 बजे तक 
मोबाइल नंबर 9219666141

अगर आप भी अपना जीवन परिचय हमारे इस पोर्टल पर प्रकाशित कराना चाहते हैं तो मुझे हिंदी या इंग्लिश में लिखकर जरूर भेजें हमारे व्हाट्सएप नंबर पर हमारा व्हाट्सएप नंबर है 92864 - 64911
 तो देर किस बात की साथ में भेजिएगा अपना फोटो।

Thursday, 14 May 2020

गायक पारस राजपुरोहित का जीवन परिचय



एक बार फिर से मैं हाजिर हो चुका हूं आपका सवाई सिंह राजपुरोहित आगरा 
 जीवन परिचय की अगली कड़ी में आपके बीच लेकर आया हूं गिटारवादक ,संगीतकार, गायक पारस राजपुरोहित का जीवन परिचय.

नाम - पारस राजपुरोहित 
पिता का नाम  - श्रीमान मांगीलाल जी राजपुरोहित
माता का नाम - श्रीमती रुखमणी देवी राजपुरोहित 
जन्मतिथि - 1 अप्रैल 1992 
गाव - बिसू कलाँ (बाड़मेर)
गोत्र - श्रीरख

 बाड़मेर जिले के बिसू कलाँ कस्बे का युवा पारस राजपुरोहित आज संगीत के हुनर के दम पर बुलंदियां छू रहे हैं। बचपन से ही संगीत का शोक रहा है । पारस राजपुरोहित मात्र 12 वर्ष की उम्र से ही संगीत सीखना शुरू कर दिया। आप नियमित रूप से रियाज के दम पर आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं आपने शुरुआती पढ़ाई आदर्श विद्या मंदिर में पढ़ने के कारण वहाँ देश भक्ति गाने गाता था जिस से गाने में आगे कुछ करने की प्रेरणा मिली। आपने एजुकेशन मगनीराम बांगड़ मेमोरियल ( M.B.M) इंजीनियरिंग कॉलेज जोधपुर से पढ़ाई की है। और आपने हाल ही में भारतीय रेलवे (इलेक्ट्रिकल) में ज्वाइन हुए हैं।

 लेकिन सिंगिंग में रुचि होने के कारण संगीत में भी पढ़ाई की तथा संगीत में आपने बी ए & एम ए और यूजीसी नेट पास किया। वैसे आपको हिंदी मारवाड़ी भजन सभी तरह के गानों का शौक है पर सबसे अधिक प्रिय मारवाड़ी भाषा लगती है।
 आपने हिंदी और मारवाड़ी गानों के कई प्रोग्राम किए हैं नए-नए गाने बनाकर उनको यूट्यूब चैनल के माध्यम से लोगों के सामने प्रस्तुत किए हैं इसमे ‘’माँ भारती’’ गाने को जनता का खूब प्यार मिला। जो कि एक देश भक्ति गाना है इस गाने को आप दिए गए इस लिंक पर क्लिक करके सुन सकते हैं।

 पारस राजपुरोहित से खास बातचीत में उन्होंने हमें बताया कि संगीत से मेरा बचपन से लगाव है मुझे फ्री टाइम में गिटार बजाना अच्छा लगता है और मैंने अपनी पढ़ाई के साथ इसको जारी रखा बस इतना ही कहूंगा कि मेहनत के दम पर कुछ भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।


हम आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं आप इसी प्रकार आगे उन्नति प्राप्त करें मां सरस्वती और पूज्य गुरु श्री खेताराम जी महाराज का आशीर्वाद सदैव आप पर बना रहे यही मंगल कामनाएं करता है सुगना फाउंडेशन मेघलासियां और राजपुरोहित समाज इंडिया टीम 

फिर मिलते हैं किसी और जीवन परिचय के साथ तब तक के मुझे दीजिए इजाजत......

 स्पॉन्सर By Hams Institute
 

Tuesday, 12 May 2020

जेठू सिंह राजपुरोहित का जीवन परिचय

 एक बार फिर से मैं हाजिर हो चुका हूं आपका सवाई सिंह राजपुरोहित आगरा 
 जीवन परिचय की अगली कड़ी में मैं लेकर आया हूं मंच संचालक जेठू सिंह राजपुरोहित का जीवन परिचय... 

नाम :- जेठु सिंह राजपुरोहित 
पिता नाम :- श्रीमान मोती सिंह राजपुरोहित 
माता नाम:- श्रीमती पतासी
गोत्र:-  सोमड़ा
गांव :- डोली T,  पचपदरा, 
जिला:- बाडमेर
जन्म:-  23-8-1994

 श्री जेठू सिंह राजपुरोहित इनके परिवार में 6 भाई और एक बहन है माता, पिता खुशहाल परिवार हैं आप घर में सबसे बड़े हैं । शुरुआती पढ़ाई आपने गांव में की है संगीत से जुड़ाव बचपन से ही रहा है अपको प्रकाश माली के भजन सुनना बेहद पसंद है इसीलिए इनको सभी प्रकाश माली के निकनेम से भी जानते हैं इन्होंने अपनी हेयर स्टाइल कुछ इस प्रकार ही है रखी हुई है। इनकी शक्ल काफी हद तक प्रकाश माली जी से मिलती भी है सबसे बड़ी बात इन्होंने अपनी टिक टॉक आईडी पर भी जेठू प्रकाश सिंगर के नाम से बनी हुई है आपने कहीं प्रोग्राम में मंच संचालन किया ।

 राजपुरोहित ने सबसे अधिक प्रोग्राम चेन्नई, बेंगलुरुु, पुणे, हैदराबाद , दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश आश्रम में सहित भारत में आदि स्थानों पर किया है। आप वर्तमान में मुंबई एक प्राइवेट कंपनी मे मैनेजर है।

 हमें खास बातचीत में जेठू सिंह राजपुरोहित ने बताया कि मेरे जीवन में प्रकाश माली जी का बहुत बड़ा आशीर्वाद रहा है आज मैं टिक टॉक पर फेमस हूं तो प्रकाश माली जी की एक्टिंग से हूं। मैं भारतवर्ष में गौ माता की सेवा के लिए जो भी कार्यक्रम मैं करता हूं वह पूर्ण रूप से फ्री करता हूं।

हम आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं आप इसी प्रकार अपने कार्य में लगे रहे हैं मां सरस्वती और गुरु महाराज जी का आशीर्वाद सदैव आप पर बना रहे यही मंगल कामनाएं करता है सुगना फाउंडेशन और राजपुरोहित समाज इंडिया

 sponsor By :- www.hamsinstitute.com 

आप भी भेज सकते हैं अपना जीवन परिचय अगर आप भी संगीत, साहित्य या किसी भी क्षेत्र में अपना वर्चस्व रखते हैं तो हमें जरूर लिखिए हमारा व्हाट्सएप नंबर है 92864 64911 
एक विशेष सूचना एवं नोट अगर आप इस ब्लॉग से कोई भी सामग्री ले रहे हैं तो एक बार अनुमति अवश्य प्राप्त कर लें।


Friday, 3 April 2020

समाज के महान संत का जीवन परिचय

राजस्थान के जालौर जिले भीनमाल तहसील के छोटे से जेतु गांव के रुदवा गौत्र के राजपुरोहित परिवार के उकचंदजी को यह आभास ही नहीं था की उनका होने वाला चौथा पुत्र भी अपने भाई ( शान्तिविमल सूरीश्वरजी ) की तरह सयम मार्ग को अपनाकर जेतु गांव का और जिनशासन मे अपना नाम रौशन करेगा लेकिन होनी को मंजूर होता है वही होता है ।। 

9 दिसंबर 1964 विक्रम संवत 2020 अश्वनी सूद 9 को माँ वादली बाई की कोख से बालक प्रभुलाल आपका जन्म हुआ था ।
पिता उकचंदजी और माँ वादली बाई पुत्र प्रभुलाल को अपने भाई ( शान्तिविमल सूरीश्वरजी ) के पास लेके जाते थे जो पहले ही जैन धर्म दीक्षा अंगीकार कर सुके थे ।। 
बालक प्रभुलाल ने मात्र 8 वर्ष की छोटी आयु मे ही आचार्य महाराज के पास रहना स्वीकार किया और उसके 3 वर्ष पच्छात 11 वर्ष की आयु मे विक्रम संवत 2031 मगसर सुदी 4 को पालीताना श्री शत्रुंजय महातीर्थ मे दीक्षा संपन्न हुई शांतिविमल सूरीश्वरजी ने दीक्षा दी आपका नाम प्रभुलाल से प्रधुम्नविमलजी हुआ जो बाद मे जाके देश विदेश मे भाई महाराज के नाम से पहचाने जाने लगे।। 
अपने गुरु शान्तिविमल सुरीजी के सनिध्य मे आपने हिंदी मारवाड़ी गुजराती संस्कृत पाकृत आदी विभिन्न भाषाओ का ज्ञान प्राप्त किया ज्योतिष शास्त्र का भी गहरा अध्यन किया आपके गुरुदेव ने आपको मंत्र साधना और ज्योतिष शास्त्र का विशेष ज्ञान दिया  आपने विद्वावान मुनि जम्बूविजय जी के सानिध्य मे शंखेश्वर पाटन दसाणा माण्डल आदी विभिन्न स्थानों पे जैन धर्म के सिद्धांतो आगमो और शास्त्र का गहराई से अध्यन किया 
25 मई 1983 वैशाख सुदी 11 को आपके गुरु शान्तिविमल सूरीश्वरजी का देवलोक गमन होने के कारण आपको छोटी सी उम्र मे विमल गच्छ का गच्छाधिपति बनाया गया और 20 फ़रवरी को ( महा सुदी 13 ) को मुंबई के आजाद मैदान मे नित्योदय सागर सूरीश्वरजी की निश्रा मे आपको आचार्य पद प्रदान किया गया।। 
आचार्य प्रद्युम्नविमल सुरीजी के हस्ते 35 से अधीक साधु और साध्वी भगवंत की दीक्षा संपन्न हुई । और 100 से ज्यादा जिनमंदिर और गुरु मंदिरो की प्रतिष्ठाए  हुई
आपके हस्ते कही अस्पताल और विद्यालय का निर्माण हुआ आपश्री ने अभी तक गुजरात राजस्थान झारखण्ड बिहार हरियाणा मध्य प्रदेश महाराष्ट्र आदी  प्रदेशो मे लगभग 1 लाख किलोमीटर पदयात्रा कर चुके है आपके सरल स्वभाव के कारण हर कोई आपकी तरफ आंगतुक इनके प्रति आज्ञाध श्रद्धा से ओत प्रोत हो जाता है प्रभावपूर्ण व्यकितत्व कला और जैन धर्म का गहन अध्यन आपके व्यक्तिव से झलकता है 
आपने जो मगरवाडा तीर्थ जो मणिभद्र वीर का तीसरा मूल स्थान है उसका जो निर्माण और तीर्थ के विकास के लिये जो आपने काम किया है वो अपने आप मे अविश्वनीय और अदभुत है और गिरनार तीर्थ और महातीर्थ पालीताणा  के लिये जो काम कर रहे है वो वंदनीय है 
आपकी निश्रा मे 2022 रत्नागिरी मिनी पालीताणा तीर्थ बनकोड़ा डूंगरपुर के समीप का निर्माण होने जा रहा है आपने शासन के लिये ऐसे कही  कार्य किये है  वो अपने आप मे अदभुत है 
आपश्री ने कही ऐतिहासिक चातुर्मास किये है जिसमे गिरनार पालीताणा और नाकोड़ा का नाम आता है 
आपकी सबसे बड़ी विशेषता यह है की जैन समाज के साथ साथ सम्पूर्ण सनातन और हिन्दू समाज के भी हजारो भक्तो के आगाध श्रद्धा के केंद्र है 
आपश्री का 2020 का चातुर्मास मगरवाडा जैन तीर्थ पालनपुर के समीप है।
लिखित :- 
परम गुरु भक्त 
अंकुश अलकेश जैन सूरत
प्रकाश पुरोहित दासपाॕ

Tuesday, 22 May 2018

राजाजी श्री निर्मलनाथजी महाराज का जीवन परिचय

राजाजी श्री निर्मलनाथजी महाराज का जीवन परिचय

    श्री निर्मलनाथजी महाराज का जन्म गाँव मोदरा, जिला जालौर मे राजपुरोहित जागरवाल कुल मे विक्रम संवत 2039 मे मगसर शुक्लपक्ष नवमी को हुआ था, नाथजी के बचपन का नाम - नारायण था ।

        पिताजी का नाम ओखसिंह जी एवं मातश्री का नाम मुंगीदेवी है, निर्मलनाथजी चार भायों मे दुसरे नम्बर है, ननिहाल गांव ओटवाला जिला जालौर में है ।

        एक बार निर्मल नाथजी के माता पिता पुत्र प्राप्ति हेतु पीरजी श्री शान्तिनाथजी महाराज की शरण मे गयेे, और पुत्र प्राप्ति हेतु उन्होने पीरजी महाराज से आशीर्वाद मांगा, तो गुरुदेव ने भक्त की इच्छा पर उन्हें चार पुत्रो का आशीर्वाद दिया,  तब आपके माता पिता ने कहा कि, हे दाताश्री अगर हमे आपने चार पुत्र दे दिए तो एक पुत्र को हम आपकी सेवा मे अर्पण कर देगे ।

       पिरजी श्री शान्तिनाथजी महाराज की कृपा से ओख सिंह जी को एक के बाद एक चार पुत्रों की प्राप्ति हुई ।

       एक बार श्री शान्तिनाथजी महाराज मोदरा पधारे तो आपके पिताजी ने अपने चारो पुत्रो को नाथजी महाराज के समुख खडा कर दिया, और कहा कि हे गुरुवर ये चारो आपके कृपा की देन है, आप जिसे चाहे उसे अपनी शरण मे स्वीकार लो ।

        तब श्री शान्तिनाथजी  महाराज ने नारायण के सर पर हाथ धर दिया, और आदेश दिया कि " ॐ नम: शिवाय " जपते रहो, और नारायण का नाम करण " निर्मल ,, कर दिया, तब आपकी ऊमर दस वर्ष की थी, उस दिन के बाद से आप " हरी " की भक्ति मे लिन हो गये ।

      पन्द्राह वर्ष की ऊमर मे आपको विक्रम संवत 2057 चैत्रसुदी एकम की अमावश्सा को गुरुदेव जी के चरणों में सिरेमंदिर में अर्पण किया, कानो कुण्डल विक्रम संवत 2060 मे धार करवा कर पूर्ण नाथ बना कर निर्मलनाथ कहलाये, आप गुरुजी श्री शान्तिनाथजी महाराज की तन मन से सेवा करने लगे, एक दिन श्री शांतिनाथजी महाराज ने अपने शिष्य कमलनाथजी से कान फुकवा कर आपको उनका शिष्य बना कर श्री शान्तिनाथजी महाराज दादा गुरु बन गये ।

       श्री निर्मलनाथजी की कुटंब यात्रा सन् 2006 मे वैसाख सुदी चौदस को हुई ।

      कणीयागिरी पर्वत पर श्री जलंधरनाथजी महाराज की तपोस्थली सिरेमन्दिर पर आपने कर्म एवं भक्ति की एवं दादा गुरू श्री शान्तिनाथजी महाराज की सेवा तन मन से की थी, इसी कारण दादागुरु श्री शान्तिनाथजी महाराज के आशीर्वाद से ही आज आप नाथ संप्रदाय के राजा के पद पर कडली मठ मेंगलोर में विराजमान है

      श्री निर्मलनाथजी महाराज को सन 2015 अगस्त नाशिक कुंभ मेले में अखिल भारतीय नाथ सम्प्रदाय के समस्त साधु संतों, पीठाधीशो, शंकराचार्यो एवं योगियों द्वारा नाथ सम्प्रदाय के राजा के लिए निर्विरोध चुना गया

   श्री निर्मलनाथजी महाराज पैदल नाशिक कुंभ मेले से झुन्डी यात्रा द्वारा 8 महीने में मेंगलोर पहुंचे थे, एवं 7 मार्च 2016 को राजाजी का गादी तिलक हुआ था

       श्री निर्मलनाथजी महाराज दादा गुरु पीरजी श्री शान्तिनाथजी महाराज की असीम कृपा एवं श्री गंगानाथजी महाराज के पूर्ण सहयोग से अखिल भारतीय नाथ सम्प्रदाय के राजा के पद पर आसीन हुए

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      आप भी अपना पूर्ण परिचय हमें अपने फोटो के साथ हमें WhatsApp कर सकते हैं हमारा WhatsApp नंबर है 9286464911 हम उसको जल्द ही प्रकाशित करेंगे।


Sunday, 26 November 2017

युवाओं के प्रेरक, यारों के यार शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा का परिचय

    मारवाड़ के पाली जिले के गांव निम्बाड़ा के एक युवा शख्सियत जिन्होंने समाज सेवा हो या राजनितिक क्षेत्र या फिर बॉलीवुड या फैशन की दुनिया सब जगह अपनी साफगोई शख्सियत,मिलनसार व्यवहार,ओजश्वी वाणी की बदौलत एक मुकाम हासिल किया और अपनी अद्भुत छवि के साथ सब के दिलों पर राज किया और कर रहे है ।

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  ● उस शख्सियत से आप सब परिचित है क्योंकि उस शख्सियत का नाम है, समाज के लाडले ,युवाओं के प्रेरक, यारों के यार शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा वेसे आप परिचय के मोहताज नहीं क्योकि आपका सब से सीधा जुड़ाव अपने आप में अनूठा है फिर भी में आपका परिचय आप सब के समक्ष रखने की जुर्रत कर रहा हु ।
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   श्री शिशुपाल सिंह जी का जन्म समाज के प्रतिष्टित गांव निम्बाड़ा में आदरणीय श्री रामगोपाल सिंह जी गुंदेचा के पुत्र के रूप में हुआ और आप बचपन से ही प्रतिभाशाली रहे और सदैव विधायालय में अग्रणी स्थान पर रहते अपनी शिक्षा पूर्ण की और कॉलेजे  समय से ही आप समाज सेवा कार्यो में अग्रणी रूप से कार्य करने लगे और छात्र राजनीति में सक्रिय होकर छात्र हितों के लिए आवाज उठाने लगे ।।

                    ●सेवा कार्य -सोशल लाइफ
    अध्यन के बाद आप कई समाजिक संगठनों,राष्ट्रीय अन्तराष्ट्रीय एन जी ओ के माध्यम से समाज सेवा कार्यो में सक्रियता से सेवा कार्यो में अग्रणी रहे जिसमे इंडियन रेड क्रोस सोसायटी के माध्यम से रक्त दान में सदैव अग्रणी रहे , बचपन बचाओ आन्दोलन के कॉर्डिनेटर, अरावली विकास संस्थान,लायंस क्लब, जय जैनेंद्र सेवा संस्थान, श्री महावीर चिल्ड्रन सेवा संस्था, श्री खेतेश्वर युवा मंच, ब्राह्मण महासभा,यूथ बोर्ड राजस्थान, सहित संस्थानों के आप ट्रस्टी ,सलाहकार,सरक्षक रहते हुए सदैव समाजिक सेवा कार्यो में अग्रणी भूमिका का निर्वहन किया वही आपको समय समय पर सेवा कार्यो के लिए प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के अवार्डों से नवाजा गया,इंडियन रेड़ क्रोस सोसायटी द्वारा अग्रणी रक्तदान दाता के रूप में,महाराष्ट्र सरकार द्वारा कला एवं सस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आपको पुरुष्कार से नवाजा गया स्काऊट गाइड का रोवर सम्मान और कई मर्तबा आपकी समाज के प्रति निष्ठा सेवा भाव को देखते हुए समाज के केंद्र आसोतरा धाम के साथ समाज के अग्रणी मंचों से आपका अभिनन्दन किया गया ।
                         ● कैरियर ●
   आपने अपना कैरियर फ़िल्मी दुनिया से शरू किया और मारवाड़ के पाली जैसे शहर से मुंबई की चकाचोन्ध चाँदनी में जाकर कुछ ही समय में फ़िल्मी दुनिया में अपना वजूद कायम कर लिया , फिल्म जगत ले बादशाह सलमान खांन,प्रीयका चोपड़ा,अक्षय कुमार,कैटरीना कैफ, गोविंद,करीना कपूर जैसी नामचीन फ़िल्मी हस्तियों से आपकी दोस्ती सदैव चर्चा में रही है,आपने कई फिल्मों में मुख्य रोल निभाया तो कई फिल्मों में रोल निभाते हुए अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया और इसके साथ आपने फैशन शौ आयोजित करवाने शरू किये और आपने अब तक कई मर्तबा देश विदेश में फैशन शो का सफल आयोजन करवा कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया और बॉलीवुड में आज आपका नाम परिचय का मोहताज नहीं,साथ ही आपने अपना बिजनश फ़िल्मी दुनिया में शरू किया और आप कई कंपनियों के सलाहकार, कॉर्डिनेटर और पार्टनर है ।

                          ● राजनितिक ●
      विद्यार्थी जीवन से ही आपमें नेतृत्व गुण विद्यमान रहे और छात्र जीवन में आपने छात्र राजनीति के माध्यम से छात्र हितों के लिये सदैव प्रयास किया वही आप कांग्रेस पार्टी से जुड़े और आपने युवक कांग्रेस तथा पार्टी में जिला स्तर से प्रदेश स्तर पर पार्टी के कई महत्वपूर्ण पदों की जिमेवारियो का निर्वहन करते सदैव आम जन हित कार्यो में आपकी रुचि रही ,कई बार आपने विधान सभा,लोक सभा चुनावों का कुशल संचालन किया,आपकी निष्ठा और समर्पण भाव को देखते हुए समय समय पर आपको पार्टी ने महत्वपुर्ण जिमेवारिया सुपुर्द की जिसमे रास्ट्रीय स्तर पर आपको ऑल इंडिया हैंडीक्राफ्ट बोर्ड डॉयरेक्टर की जिमेवारी दी गई वही आपको बाल श्रम कल्याण बोर्ड जैसे प्रमुख बोर्ड के उपाध्यक्ष की जिमेवारी देकर केंद्र लेवल पर राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया और आपने अपने कार्यकाल में पूर्ण निष्ठा के साथ बाल कल्याण के कार्य करते हुए आम गरीब को सहयोग किया और सरकार के बाल श्रम कल्याण बोर्ड की सार्थकता सिद्ध कर दी, वही आप भारत सरकार द्वारा गठित कई सरकारी प्रतिनधिमंडलो के सदस्य रहे और कई मर्तबा विदेश यात्राएं कर देश विदेश के मंचों से अपने विचार रखे ।
                             ◆ ◆ ◆

    वर्तमान में भी आप राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी से जुड़े हे वही आप लगातार समाजिक संगठनों के माध्यम से समाज सेवा कार्यो में सक्रिय है और समाज के हर कार्यक्रम में आपकी उपस्थिति लगभग देखी जाती हैं आप जैसे कर्मठ समाज सेवी युवा व्यक्तित्व के धनी, सफल राजनेता से समाज अपने आपको गौरवान्वित महसूस करता है मंगलमय शुभकामनाओ के साथ.....

       लेखक श्री भैरु सिंह राजपुरोहित
     
आपका भी भेज सकते हैं अपना जीवन परिचय हमारे what's app नम्बर 9286464911 पर

     आपका अपना सवाई सिंह राजपुरोहित
मीडिया प्रभारी सुगना फाउंडेशन मेघलासिया